A Day After the 2019 India Polls

Dr. Partha Banerjee from New York predicts ominous predictions about the upcoming 2019 national elections in India. Climate change, war, violence, terrorism, skyrocketed prices of health, education, transportation, medicines, and slashing of interests on people’s savings would make life miserable. Democracy will be killed once and for all. He wishes his predictions are all wrong. But…are they?

Some very possible outcomes. No, these are not meant for the Bhakts — religious zealots. It’s for commoners.

What can happen a day after the 2019 polls?

Possible Outcome (1) —  Cost of meds, oil, gas, education, transportation etc. will skyrocket [again!]. And, on the other side, bank interest rates will plummet. Something like the present day USA. We get 0.5% to 0.75% interest at the banks here in America. Nobody knows or cares. Thanks to the IMF and the World Bank, the Modi government, along with their cronies from the Adanis and Ambanis, is forcefully implementing this anti-people American model on us. And will continue to do so. The interest rates from the banks have already gone down a lot. Earlier, the Indian rates used to be 6.5 or 7% that have now gone down to 5 or 4.5%. As a result, the savings of millions are going down the drain. Retired women, Indian soldiers (Yes! They too!), and all other senior citizens, who totally rely on their savings, might very possibly see their income dip drastically from 15k to 14/12k. The numbers are mere examples only.


Such will be the price rise, that they won’t be able to sustain a living out of it. Violence will increase in the social spheres, because of economic reasons, and just like the USA, the police, military and private jails will take up law into their own hands. Just like the USA.

Continue reading “A Day After the 2019 India Polls”

पुलवामा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ी गयी जंग, और नफरत की राजनीति – २

https://humanitycollege.org/2019/03/11/pulwama-and-the-war-on-terror-part-1/ — इस आर्टिकल के बाद दूसरा नंबर।

हमारा बदला पूरा हो जाए तो मैं कुछ सवाल आप सबसे पूछना चाहूंगा। मुझे उम्मीद है आप सब मुझे वो मौका देंगे।

मैं जिन बातों को आपके सामने लाना चाहता हूँ, वो इस प्रकार है:

प्रश्न 1 – जहाँ हर वक्त इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होती हैं, जहाँ एक परिंदा भी पर नहीं मार सकती, उस मैक्सिमम सेक्युयरिटी ज़ोन में आतंकवादी बम से भरा हुआ ट्रक लेकर आते हैं और धमाका करके अत्याधुनिक हथियारों से लैस हमारे ४० से ज़्यादा सैनिकों को मार डालते हैं। पर कैसे? सवाल यह है जहाँ कुछएक किलोमीटर के दायरे पे और भी सेना छावनियां है, वहां ३०० किलो आईइडी लेकर जैश के आंकवादी उस संवेदनशील छेत्र में घुसे कैसे? क्या इसकी कोई निष्पक्ष जांच होगी? इस भयानक मौत के लिए कौन जिम्मेदार है? इन बेकसूर सैनिकों के नरसंहार के लिए जो भी जिम्मेदार है, क्या उसकी पहचान की जाएगी?

प्रश्न 2 – क्या अब तक किसी जनरल, कर्नल, मंत्री या सुरक्षा अधिकारी इस लापरवाही के लिए खुद को दोषी मानते हुए इस्तीफा दिया है? नहीं ना। हांलाकि, हम जानते है अगर बैंक में कभी डाका पड़ जाये और वहां की तिजोरी लूट ली जाये तो वहां के शाखा प्रबंधक को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है, लापरवाही के लिए उनकी नौकरी भी जा सकती है। कॉर्पोरेट दुनिया में भी विफलता की जिम्मेदारी लेनी पड़ती है। और फिर हमारी सरकार तो अमेरिका के कॉर्पोरेट मॉडल पर ही चल रही है। फिर यहाँ उनका यह नियम लागू क्यों नहीं होगा?

प्रश्न 3 – सुनने में आया है की खुफिया विभाग को इस हमले की खबर पहले से थी। फिर भी, सुरक्षा विभाग से इतनी बड़ी खामी कैसे रह गई? क्या किसी ने इसे जानबूझकर, सुनिश्चित तरीके से होने दिया? अगर सच में ऐसा है तो वे कौन लोग है? क्या उन्हें ढूंढ निकलना इतना मुश्किल है?

प्रश्न 4 – चलिए मान लेते हैं भारतीय सेना और वायु सेना एकसाथ मिलकर पाकिस्तान में घुस कर उनके सभी आतंकवादी ठिकानों पर बम बरसाकर उन्हें नष्ट कर देती है, जो अंतर्राष्ट्रीय कानून के नज़रिए से देखा जाये तो गलत है। क्यूँकि कोई भी देश किसी दूसरे देश में अंतरार्ष्ट्रीय स्तर पर अनुमति के बगैर नहीं घुस सकता, एकतरफा बमबारी नहीं कर सकता और उसकी संप्रभुता को नष्ट नहीं कर सकता। ऐसा करना अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर असंवैधानिक और गैर कानूनी होगा। हालाँकि, पूरे विश्व के विरोध को नज़रअंदाज़ करके किसी दूसरे देश में बमबारी और नरसंहार कैसे किया जाये यह तो अमेरिका ने ही हमें सिखाया है। इसका सबसे बड़ा उदहारण है इराक, वियतनाम और सीरिया। फिर तो हम भी दो चार ऐसे छोटे -मोटे हमले कर ही सकते है। लेकिन सवाल ये उठता है की क्या केंद्र सरकार हमारे देश की भविष्य के सुरक्षा सुनिश्चित कर पायेगी? ऐसा कदम उठाने पर भविष्य में कोई दूसरा आतंकवादी हमला नहीं होने का आश्वासन क्या मोदी सरकार हमें दे पायेगी?

प्रश्न 5 – आज के इस दौर में जहाँ हम अपनी रोज़मर्रा के ज़िन्दगी में छोटी से छोटी चीज़ें भी बिना गारंटी के नहीं लेते, चाहे वो सिलाई मशीन हो या गाड़ी; वहीं हम बिना गारंटी के बमबारी और उसके पीछे होने वाले रुपये की बर्बादी को कैसे खरीदेंगे?

[Our second Hindi article on India-Pakistan terror, politics of hate and violence, and some important questions on the eve of national elections. Hope you read and share. This is part 2 of a long article I wrote. Moly Mukherjee Gupta from Southampton, U.K. translated into Hindi.]


(जारी। कृपया वापस आ जाओ।)