विश्व पर्यावरण बचाने के लिए हड़ताल

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शुक्रवार २० सितंबर ~ विश्व पर्यावरण बचाने के लिए हड़ताल में, मैं शामिल हों रहा हूँ । आप भी जहां चाहें, जैसे चाहें कर सकते हैं।

(Translated from Bengali to Hindi by Gautam Basu II)
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कम से कम दश लाखं स्कूली बच्चे कल या ने २० सितम्बर न्यूयॉर्क शहर में वैश्विक जलवायु बचाने के शपथ और पर्यावरण विनाश के विरोध में अपना कक्षाएं छोड़ कर हड़ताल पर भाग लेंगे ।

आप इस घटना की भयावहता को भलीभाँति समझ लीजिए | क्यों के यहीं पहला मौका हैं , जब दुनिया के ५ महादेशो का सैक्रोड़ो शहरों में (४०० से ज्यादा) हड़ताल एक ही साथ एकाएक हो रही है। इकट्ठा कुछ बच्चे क्लास छोड़ रहे हैं, कुछ जुलूस बनाकर सभा कर रहे हैं, कुछ प्रतिष्ठित गाने, नाटक, नृत्य आदि कर रहे हैं। और ये सभी पृथ्वी को बचाने को शपथ लेते के लिए १६ वर्षीय स्वीडिश लड़की ग्रेटा थुनबर्ग इस अंतरराष्ट्रीय आंदोलन की नेता हैं। यह एक अविश्वसनीय बात है।

इस न्यूयॉर्क शहर में दस लाख से अधिक छात्र कक्षा से बाहर हो जाएंगे या ने पुरे क्लास को बयकट करेंगे , जो ऐतिहासिक है। हमारे देश हिन्दुस्तान की तरह यहाँ अमेरिका में, हर बातों मे कोई क्लास को बयकट नहीं करता है।

ये एक अप्रत्याशित बात!

मैं अपने सभी दोस्तों, छात्रों – छात्रा , शुभचिंतकों, आप सभी से इस फेसबुक पोस्ट के माध्यम से इस हड़ताल में शामिल होने का आग्रह करता हूं। आप जहां भी हों, पर्यावरण और जलवायु के विनाश से सावधान रहें।

कॉर्पोरेट आक्रमण और अमेरिका-चीन-ब्राजील-भारत शासक वर्ग पूरी तरह से दुनिया को नष्ट कर रहे हैं। अमेज़ॅन वर्षा वन अभी जल रहा है।

भारत और बंगाल में घर घरों में मृत्यु दर से हमला। प्लास्टिक की जबरदस्त आक्रामकता और जलन। मनमाने ढंग से पेड़ों को काट दिया जाना । नदी की नौगम्यता को नष्ट करना।

क्या आप शुन पा रहे हो ~ पानी कैसा चीखता है।

क्यां मोनसेंटो के किसानों की आत्महत्या आपके लिए पीड़ा नही ?

अमेरिका और चीन में, दो आतंकवादी शासक वर्ग पर्यावरण को पूरी तरह से नष्ट कर पुरे दुनिया को खतंम कर रहे हैं। यकीन जानिए, चीन में अब ऑक्सीजन को बोतलों में बेचा जा रहा है। पेड़ पौधे शहरी क्षेत्र में पूरी तरह से खतम हो चुका हैं। कारन , अमेरिका में तेल निगमों का लगातार आक्रमण, और ऐतिहासिक समुद्री तूफान और साईक्लोन यानी चक्रवात।

भाजपा सरकार भी, ट्रम्प की तरह ही आक्रामक है, और वे विज्ञान में विश्वास नहीं करते हैं। पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में पर्यावरण संकट गंभीर है।

कई छोटे बच्चे पर्यावरण और जलवायु को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस हड़ताल में, मैं उनके साथ हुँ , उनके पास हुँ ।

यदि आप के पास मेरे संदेश का कोई मूल्य है, तो इसका समर्थन करें। बच्चों को भविष्य का बुरा हाल से बंचाए और खुद भी बंचे |

मैं अमेरिका में रहता हूं, और यहां संगठनों के साथ काम करता हूं। अधिकांश नौकरियों में भारतीय और बंगाली डायस्पोरा का कोई महत्व नहीं है। लेकिन मुझे पता है, आपके पास पर्याप्त मूल्य है।

लेकिन मुझे सुनने की जरूरत नहीं है। अपने बारे में सोचो, और उसके अनुसार कार्य करो।

इस ऐतिहासिक हड़ताल को सफल बनाएं। हमारे बच्चों को बचाओ। जैसे हमारी मां ने दुनिया में सभी बुरे से हम बच्चों को बचायी ।
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डॉ। पार्थ बंद्योपाध्याय
ब्रुकलिन, न्यूयॉर्क
१९ सितंबर, २०१९

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